"70 साल से मशीन में जिंदगी, हौसले से जी रहे पॉल अलेक्जेंडर 🙏💖"
यह कहानी है पॉल अलेक्जेंडर की, जो अमेरिका के उन चुनिंदा लोगों में से एक हैं जिन्होंने अपनी ज़िंदगी का अधिकांश हिस्सा "आयरन लंग" यानी लोहे के फेफड़े की मदद से जिया है। पॉल बचपन में पोलियो जैसी गंभीर बीमारी की चपेट में आ गए थे। उस समय इस बीमारी ने उनके शरीर को लगभग लकवाग्रस्त कर दिया और तब से उनकी सांसें इस मशीन पर निर्भर हो गईं। आयरन लंग एक बड़ी धातु की सिलेंडरनुमा मशीन है जिसमें पूरा शरीर अंदर होता है और सिर्फ सिर बाहर रहता है। मशीन सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया को नियंत्रित करती है, ताकि पॉल जिंदा रह सकें। सोचिए, ज़िंदगी के पूरे 70 साल उन्होंने इसी मशीन में गुज़ारे हैं। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की, वकालत की डिग्री हासिल की और समाज के लिए एक मिसाल बने। दुनिया ने उन्हें "मैन इन द आयरन लंग" के नाम से भी जाना। इतनी बड़ी मुश्किलों के बावजूद उनका जज़्बा, साहस और जीने का हौसला इंसानियत के लिए प्रेरणा है। पॉल की ज़िंदगी हमें यह सिखाती है कि परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी कठिन क्यों ...